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गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° के दरà¥à¤¦ से पीड़ित हैं? जानिठइसके पीछे के 5 संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण
अगर आप गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में किसी परेशानी या दरà¥à¤¦ से पीड़ित हैं तो इसके कई कारण हो सकते हैं। जानिठकà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है इसके पीछे की वजह।
हम सà¤à¥€ ने गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में सà¥à¤¨à¤¾ है, लेकिन पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली के दरà¥à¤¦ के लिठकेवल यही कारण नहीं है। पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली à¤à¤• छोटा नाशपाती के आकार का अंग है जो पेट के दाहिने ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में, लिवर के दाहिने लोब के नीचे होता है। यह लिवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ अतिरिकà¥à¤¤ पितà¥à¤¤ के à¤à¤‚डारण के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है।
लिवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ पितà¥à¤¤ शरीर की वसा को पचाने में मदद करता है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ वसायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पाचन के लिठपितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ को सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ और अतिरिकà¥à¤¤ पितà¥à¤¤ को छोड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। लेकिन अगर आप पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में किसी परेशानी या दरà¥à¤¦ से पीड़ित हैं, तो इसके कई कारण हो सकते हैं।
जानिठकà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£
बार-बार दरà¥à¤¦:
दाहिने ऊपरी पेट में बार-बार दरà¥à¤¦, जो पीठऔर दाहिने कंधे के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° तक फैला हà¥à¤† है। यह आमतौर पर वसायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प होता है।
उलटी अथवा घबराहट:
दरà¥à¤¦ उलà¥à¤Ÿà¥€ के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हो सकता है।
बà¥à¤–ार:
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली की सूजन के कारण रोगी को बà¥à¤–ार हो सकता है।
पितà¥à¤¤ नली में रà¥à¤•ावट के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प अकà¥à¤¸à¤° हलà¥à¤•े रंग का मल हो सकता है
गहरा पेशाब:
गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में रà¥à¤•ावट, गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° से पथरी के खिसकने के कारण गहरे रंग का मूतà¥à¤° निकलता है
अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में पीलिया, दसà¥à¤¤, थकान और खà¥à¤œà¤²à¥€ शामिल हैं।
गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन के कà¥à¤› कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
आपको गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° रोग से संबंधित दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होने का कारण निमà¥à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
1. पितà¥à¤¤ पथरी:
कोई à¤à¥€ आयॠवरà¥à¤— पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है। रोगी को à¤à¤• ही बड़ा सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ हो सकता है जिससे दरà¥à¤¦ हो सकता है या à¤à¤• बार में कई सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ हो सकते हैं। बिना किसी लकà¥à¤·à¤£ या दरà¥à¤¦ के पितà¥à¤¤ पथरी विकसित होना संà¤à¤µ है।
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में à¤à¤• बड़ा पतà¥à¤¥à¤° पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली की नली को बाधित कर सकता है, जिससे पेट में दरà¥à¤¦ के साथ-साथ रà¥à¤•ावट बनी रहने पर पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में बलगम या मवाद à¤à¤° जाता है।
कई पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ में पितà¥à¤¤ नली में खिसकने की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ होती है, जिससे पीलिया, बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦ होता है।
2. कोलेसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸:
पथरी के कारण होने वाली सूजन के कारण आपको पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट कोलेसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ और à¤à¤•à¥à¤¯à¥à¤²à¤•à¥à¤²à¤¸ कोलेसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ दो पà¥à¤°à¤•ार के कोलेसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ हैं। पहला तब होता है जब पितà¥à¤¤ पथरी पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में फंस जाती है जिससे दरà¥à¤¦ होता है, जबकि अकलकà¥à¤²à¤¸ कोलेसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ पितà¥à¤¤ नली में à¤à¤• जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है।
3. कोलेडोकोलिथियसिस:
पितà¥à¤¤ नली में पथरी की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कोलेडोकोलिथियसिस के रूप में जाना जाता है। कोलेडोकोलिथियसिस पितà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित करता है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प दबाव और दरà¥à¤¦ बढ़ जाता है। आप पीलिया या तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंखों के पीलेपन का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।
4. पितà¥à¤¤ में जमा गंदगी :
पितà¥à¤¤ कीचड़ पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² मोनोहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤², कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ और अनà¥à¤¯ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लवण की संरचना है। इन पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का जमाव पितà¥à¤¤ पथरी जैसे समान लकà¥à¤·à¤£ और जटिलताà¤à¤‚ पैदा कर सकता है।
5. कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली रोग (FGD):
पितà¥à¤¤ संबंधी डिसà¥à¤•ेनेसिया या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ à¤à¤•लकà¥à¤²à¤¸ पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली की शिथिलता के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है। à¤à¤«à¤œà¥€à¤¡à¥€ के मरीजों को अकà¥à¤¸à¤° पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होता है, लेकिन पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी के किसी à¤à¥€ सबूत के बिना। यदि आप पेट दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ कर रहे हैं, तो अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करें और उचित निदान और उपचार योजना पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी के कारण दरà¥à¤¦ का उपचार
à¤à¤• बार जब पितà¥à¤¤ पथरी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का निदान हो जाता है, तो आपका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेषजà¥à¤ž à¤à¤• उपचार पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤•ॉल का सà¥à¤à¤¾à¤µ देगा:
वसायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से बचें
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ और दरà¥à¤¦ निवारक
IV तरल पदारà¥à¤¥, à¤à¤‚टासिड, à¤à¤‚टीमेटिकà¥à¤¸ के रूप में अनà¥à¤¯ रोगसूचक उपचार
यदि रोगी के पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ के साथ गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ है और लीवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ वैलà¥à¤¯à¥‚ खराब है, तो सामानà¥à¤¯ पितà¥à¤¤ नली की पथरी (सीबीडी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸) को बाहर करने के लिठरोगी को पहले à¤à¤®à¤†à¤°à¤¸à¥€à¤ªà¥€ के अधीन किया जाà¤à¤—ा। सामानà¥à¤¯ पितà¥à¤¤ नली की पथरी के मामले में, सबसे पहले, रोगी को सीबीडी पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ के à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपिक हटाने के अधीन किया जाता है, उसके बाद लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक कोलेसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ (पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली का लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक निषà¥à¤•ासन) किया जाता है।
यदि रोगी के पास ऊपरी पेट में दरà¥à¤¦ के साथ पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी है, सीबीडी पतà¥à¤¥à¤° का कोई सबूत नहीं है, तो रोगी को लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक कोलेसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ (पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली का लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक निषà¥à¤•ासन) के अधीन किया जाà¤à¤—ा।
जब पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली की पथरी का पता लगाया जाता है, तो रोगी को आमतौर पर सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल ऑपरेशन की सलाह दी जाती है ताकि बाद में मà¥à¤¯à¥‚कोसेले, पायोसेले, पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली का वेध, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ पीलिया और तीवà¥à¤° अगà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤¯à¤¶à¥‹à¤¥ (acute pancreatitis) जैसी किसी à¤à¥€ जटिलता से बचा जा सके।
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